हमें तो अपनोंने लूटा गैरों में कहां दम था……

ऐसा कहा जाता है की दुश्मन से लढना आसान होता है लेकिन घर में छुपे हुए दुश्मन से लढना बहोतही मुश्किल होता है. छत्रपती शिवाजी महाराज को अपनेही लोगों के साथ 200 से ज्यादा बार जंग लढनी पडी थी. हिंदवी स्वराज्य का निर्माण करनेवाले छत्रपती शिवाजी महाराज के खिलाफ अपनेही लोगों ने तलवार उठाई थी. उस वक्त अगर अपने लोग शिवाजी महाराज का साथ देते तो मोगलों और निजामों की क्या औकात थी जो हिंदुस्थान की तरफ आँख उठाकर देखते? फिर भी छत्रपती शिवाजी महाराज ने बाहर के दुश्मनों के साथ-साथ अंदर के दुश्मनों को भी पूरी निर्दयता के साथ खदेडा. आज वो वक्त आ गया है देश के अंदर घूम रहे दुश्मनों को पुरी निर्दयता के साथ खदेडने का. तब अगर छत्रपती शिवाजी महाराज हाथ में तलवार लिये खडे नही होते तो आज हमें किसी मस्जिद के सामने हाथ में कटोरा लेके खडे रहना पडता. जेएनयू छात्र संघ के अध्यक्ष कन्हैया कुमार के गिरफ्तारी के बाद दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, माकपा नेता सीताराम येचुरी और काँग्रेस के युवराज राहुल गांधी ये त्रिमूर्ती जिस तरह से देशविरोधी बयानबाजी करनेवाले कन्हैया कुमार के लिये गला फाड रहे है ये देख के तो ऐसा लगता है पाकिस्तान से पहले इन सबका बंदोबस्त करना चाहिये. पाकिस्तान तो बाहर बैठ के देश को नुकसान पहुंचा रहा है लेकिन ये सब अंदर बैठकर देश को खोसला कर रहे है.

देशद्रोही

ये वही कन्हैया कुमार है जो अपने जेएनयू के साथीदारों के साथ संसद हमले का आतंकवादी अफजल गुरू उसके हक में नारेबाजी कर रहा था, अफझल गुरू झिंदाबाद के नारे लगा रहा था, जम्मू-काश्मिर हिंदुस्थान का नही है, हर घर में अफझल गुरू पैदा होगा, हिंदुस्थान की बरबादी तक हमारी लढाई जारी रहेगी कह रहा था. ऐसे देशद्रोही लोगों का केजरीवाल, राहुल गांधी और येचुरी समर्थन कर रहे है. कल दिल्ली पुलिस ने उसे गिरफ्तार किया. जैसे ही उसके खिलाफ पुलिस ने कारवाई की केजरीवाल, सीताराम येचुरी और काँग्रेस के युवराज तिलमिला गये. देशद्रोहियों के खिलाफ कारवाई होती है तो इनको तकलीफ होती है. तो सोचो काँग्रेस का हाथ किसके साथ है? झाडू किसके साथ है? और लाल बावटा किसके साथ है? अगर ऐसे लोग देश में है तो पाकिस्तान को हिंदुस्थान के सामने आकर जंग लढ़ने की क्या जरुरत है? सीमा पर लढते-लढते अगर जवान शहीद होता है तो इनके जबान को ताला लगता है. जो लोग रोहित वेमुला और इस कन्हैया कुमार के लिये बांग दे रहे है उन्होंने कभी किसानों के लिये गला नही फाडा.
आज केजरीवाल बोल रहे है की कन्हैया कुमार की गिरफ्तारी मोदीजी को भारी पडेगी क्यों भारी पडेगी? देशविरोधी लोगों के साथ कैसा सलूक करना चाहिये? वो सुअर देशविरोधी नारे लगा रहा था, एक आतंकवादी को खुला समर्थन दे रहा था इसके बारे में केजरीवाल, येचुरी, और राहुल गांधी क्यों कूछ नही बोलते? मीडिया उनको सीधे सवाल क्यों नही करती की जेएनयू में जो भी कुछ हुआ इसके बारे में आपको क्या लगता है ये सही था या गलत? चंद वोट और कुर्सी पाने के लिये केजरीवाल और राहुल गांधी गंदी राजनिती खेल रहे है. मोदीजी को बदनाम करने के लिए देश की सुरक्षा के साथ खिलवाड कर रहे है. ये लोग देश की अंतर्गत शांती को बिगाडना चाहते है. किसी तरह मोदी सरकार की छबी को नुकसान पहुंचाना चाहते है. लोकशाही (democracy) की संविधान की बाते करना केवल बकवास है. अपनी गंदी राजनिती के लिये ये लोग देश को नुकसान पहुंचा रहे है. केजरीवाल नफरत की राजनिती कर रहे है. देश में किधर भी कुछ भी होता है तो वो सिधा मोदी जी को जिम्मेदार ठहराते है. दिल्ली के मुख्यमंत्री होते हुए भी कभी किसीने इनको दिल्ली के विकास की बात करते नही देखा. इनका उद्देश्य सिर्फ देश में अशांती फैलाना है. मोदी सरकार की छबी बिगाडने के लिये ये लोग किसी भी हद तक जा सकते है. कल रोहित वेमुला था आज कन्हैया कुमार है कल कोई और होगा.

देशद्रोही1रोहित वेमुला के वक्त भी दंगे भडकाने की कोशिशे हो रही थी. लेकिन वो नाकामयाब रहे. एक सकारात्मक सोच लेके काँग्रेस विरोधी पार्टी की जिम्मेदारी नही निभा रही. वक्त की नजाकत को देखते हुए काँग्रेस को खुद में बदलाव लाना होगा. काँग्रेस वही पुराने तरीके अपना रही है. नकारात्मक सोच लेकर काँग्रेस जो राजनिती कर रही है उससे काँग्रेस का भी नुकसान होगा और देश का भी काफी नुकसान होगा. सत्ता से दूर होने की बजह से काँग्रेस बौखला गयी है अब तो किसी भी हालत में सत्ता मिल नही सकती तो किसी भी तरह से धर्म या जाती के नाम पर दंगे भडकाकर मोदी सरकार की अच्छी छबी को नुकसान करने की कोशिश हो रही है. काँग्रेस नेता मणिशंकर अय्यर ने खुद पाकिस्तान दौरे में मोदीजी को सत्ता से हटाने के लिये पाकिस्तानी चॅनेल से बात करते हुए खुलकर पाकिस्तान की मदद मांगी है. इसी बात से साफ हो जाता है की काँग्रेस की नियत कैसी है. मीडिया ने भी मणिशंकर अय्यर को इसी बात पर कभी सवाल नही पूछे. उसी वक्त मणिशंकर अय्यर को देशद्रोह के आरोप में जेल में डालना चाहिए था. सत्ता के लिये काँग्रेस किसी भी हद तक जा सकती है. रोहित वेमुला और जेएनयू तो ट्रेलर था असली फिल्म तो अभी बाकी है. हर महिने एक नया नजारा देखने को मिलेगा. वैसे भी काँग्रेस पार्टी में शकुनी बहोत है. देखना ये है की इन सबसे मोदी सरकार कैसे निपटती है?

किशोर बोराटे.

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